Economy
NSE का शेयर अब ख़ुद NSE के बाजार में उतरेगा

सोचिए, एक दिन आप NSE की स्क्रीन खोलें। हजारों शेयरों के बीच अचानक एक ऐसा नाम दिखाई दे, जिस पर अब तक आप केवल कारोबार होते देखते थे और इस बार कारोबार उसी एनएसई में हो रहा हो।
भारत के शेयर बाजार की धड़कन कहे जाने वाले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का IPO अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसे नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। करीब 30,000 करोड़ रुपये का यह संभावित IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
सितंबर के तीसरे सप्ताह में इसकी सूचीबद्धता की योजना बताई जा रही है। हालांकि अंतिम कीमत और अन्य विवरण आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।
इसकी ख़रीद/ बिक्री असूचीबद्ध बाजार में चल रही है।
दिलचस्प बात यह है कि NSE अभी सूचीबद्ध कंपनी नहीं है। फिर भी उसके शेयरों की खरीद और बिक्री असूचीबद्ध बाजार में होती है।
कुछ समय पहले इसके शेयर का भाव लगभग 1,200 रुपये था। यह बढ़कर करीब 2,700 रुपये तक पहुंचा और फिलहाल लगभग 2,000 रुपये के आसपास बताया जा रहा है।
लेकिन असूचीबद्ध बाजार का भाव IPO की अंतिम कीमत नहीं होता। मांग, उपलब्धता और भविष्य की उम्मीदों के कारण इसमें बदलाव होता रहता है।
6 महीने की लॉक-इन अवधि।
NSE के असूचीबद्ध शेयर खरीदने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी 6 महीने की लॉक इन अवधि है।
IPO के बाद ऐसे प्री इश्यू शेयरों पर सामान्यतः 6 महीने तक बिक्री की रोक रहती है। इसलिए असूचीबद्ध शेयर खरीदने से पहले केवल कीमत देखना पर्याप्त नहीं है। यह भी समझना जरूरी है कि शेयर कब बेचा जा सकेगा।
क्या NSE कभी Nifty का हिस्सा बन सकता है
यदि ऐसा कभी होता है, तो यह भी एक दिलचस्प स्थिति होगी कि जिस संस्था के मंच पर Nifty चलता है, उसी संस्था का शेयर भी किसी दिन Nifty में दिखाई दे।
फिलहाल यह केवल एक संभावना है।