Economy
जियो का आईपीओ: मुफ्त इंटरनेट से मुनाफे तक, पर अब सामाजिक जवाबदेही का सवाल भी

दस वर्ष पूर्व, सितंबर 2016 में रिलायंस जियो ने भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रवेश किया था। तब उसकी रणनीति के दो मुख्य उद्देश्य थे। पहला, मुफ्त सेवाओं के जरिए तेजी से भारतीय बाजार में ग्राहकों को जोड़ना। दूसरा, प्रतिस्पर्धियों पर कीमतें घटाने का दबाव बनाना। इसके साथ एक अप्रत्यक्ष उद्देश्य भी था कि मुफ्त सेवाओं के माध्यम से जुड़े ग्राहकों के विशाल आधार को भविष्य में कमाई का माध्यम बनाया जा सके। आज दस साल बाद कंपनी इन उद्देश्यों को काफी हद तक हासिल कर चुकी है।
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