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दैनिक भास्कर

एक्सपर्ट व्यू : अंतरिम बजट से 5 सालों की योजनाओं का खाका खींचा

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राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के आगामी कुछ महीनों और नए वित्तीय वर्ष के जून माह तक के लेखा-अनुदानों के माध्यम से अपना बजट विधानसभा में रखा। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत किया गया ये बजट मुख्यतः आने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की केंद्रीय नीतियों से प्रेरित दिखा। दो माह पुरानी सरकार ने कुछ बातों ने ध्यान जरूर आकर्षित किया-

1. सरकार का इस बात को मानना कि राज्य को वित्तीय ऋण के भार से बाहर निकलना होगा।

2. कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर ज्यादा ध्यान देना।

3. रोजगार पर फोकस- 70 हजार भर्तियां।

4. गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना एक लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त अल्पकालिक ऋण की सुविधा।

5. जयपुर के निकट हाईटेक सिटी का विकास।

6. गरीब परिवारों की बालिका जन्म पर एक लाख तक का सेविंग बॉन्ड।

इन सबके बावजूद कुछ बातों ने ये भी स्पष्ट किया कि इस बजट में आने वाले केंद्रीय चुनावों की छाप है इसलिये जोखिम कम दिखा। मसलनः –

1. गहलोत सरकार की प्रचलित स्वास्थ्य योजना को केन्द्र की योजना के नाम से चालू रखना।

2 पुरानी पेंशन स्कीम पर सरकार का मौन।

3. पेट्रोल-डीजल पर वैट को कम नहीं करना।

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As printed in दैनिक भास्कर.

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