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उद्योग जगत के साथ एमओयू : विद्यार्थियों की उपलब्धियों को नई पहचान
Enterprise mindset
बीकानेर जिला उद्योग संघ के साथ सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थियों की उपलब्धियों को अतिरिक्त विश्वसनीयता और पहचान देने की पहल
एसटीबीए में कार्य करते हुए मेरा हमेशा यह प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ केवल विद्यालय तक सीमित न रहें। विशेष रूप से अकादमिक क्षेत्र से आगे बढ़कर जब विद्यार्थी कला, खेल, नेतृत्व, सृजनात्मकता, उद्यमिता, सामाजिक गतिविधियों अथवा अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी इन उपलब्धियों को भी उचित पहचान मिलनी चाहिए।
इसी सोच के साथ मैंने विद्यालय और उद्योग जगत के बीच एक सार्थक संबंध विकसित करने की दिशा में प्रयास किया।
मेरी सोच स्पष्ट थी कि यदि कोई विद्यार्थी विद्यालय में किसी क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करता है, तो उसका प्रमाण केवल विद्यालय की ओर से जारी प्रमाण पत्र तक सीमित न हो। जहाँ संभव हो, उस उपलब्धि को उद्योग जगत की किसी प्रतिष्ठित संस्था से भी मान्यता और समर्थन मिले। इससे विद्यार्थी की उपलब्धि को अतिरिक्त विश्वसनीयता मिलती है और भविष्य में उसके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिचय में भी उसका महत्व बढ़ता है।
इसी उद्देश्य से कुछ वर्ष पूर्व मैंने बीकानेर जिला उद्योग संघ के तत्कालीन अध्यक्ष श्री डी. पी. पचीसिया जी के साथ एक समझौता ज्ञापन, एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
मेरे लिए यह केवल दो संस्थाओं के बीच एक औपचारिक समझौता नहीं था। इसके पीछे एक स्पष्ट विचार था कि विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा अर्जित उपलब्धियों को वास्तविक उद्योग जगत से जोड़ा जाए और उन्हें ऐसी पहचान दी जाए, जो उनके भविष्य में भी उपयोगी हो।
इस सहभागिता के अंतर्गत विद्यार्थियों को अकादमिक उपलब्धियों से आगे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए जाने वाले प्रमाण पत्रों पर उद्योग संस्था का चिह्न और अधिकृत हस्ताक्षर शामिल किए जाने की व्यवस्था की गई।
मेरा मानना था कि जब किसी विद्यार्थी की उपलब्धि को विद्यालय के साथ साथ एक प्रतिष्ठित उद्योग संस्था का समर्थन भी प्राप्त होता है, तो उस उपलब्धि के प्रमाण का महत्व और विश्वसनीयता दोनों बढ़ते हैं।
मैं चाहता था कि हमारे विद्यार्थियों के पास ऐसे प्रमाण पत्र हों, जिन्हें वे भविष्य में उच्च शिक्षा, विभिन्न अवसरों और अपने व्यावसायिक जीवन में आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर सकें।
आज के प्रतिस्पर्धी वातावरण में विद्यार्थी की पहचान केवल उसके परीक्षा परिणामों से नहीं बनती। उसकी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता, सृजनात्मकता, उद्यमशीलता, कला, खेल, सामाजिक योगदान और अन्य कौशल भी उसके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
इसीलिए मेरा प्रयास रहा है कि एसटीबीए में अकादमिक उपलब्धियों के साथ साथ इन प्रतिभाओं और उपलब्धियों को भी गंभीरता से लिया जाए तथा उन्हें औपचारिक और विश्वसनीय पहचान मिले।
बीकानेर जिला उद्योग संघ के साथ यह एमओयू इसी सोच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। विद्यालय और उद्योग जगत के बीच इस सहभागिता के माध्यम से मेरा उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धियों को विद्यालय की सीमा से आगे ले जाना और उन्हें ऐसी पहचान देना था, जो उनके भविष्य में उनके लिए एक अतिरिक्त आधार और उपलब्धि के रूप में काम आए।
मेरे लिए इस पहल का सार यही है कि जब हमारे विद्यार्थी विद्यालय से आगे बढ़ें, तो उनके पास केवल अच्छे अंक और प्रमाण पत्र ही न हों, बल्कि उनकी प्रतिभा, कौशल और उपलब्धियों की ऐसी विश्वसनीय पहचान भी हो, जो उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा में एक अतिरिक्त बढ़त दे सके।
